दोस्ती के लम्हें

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आधी अधूरी बातें

आधी अधूरी मुलाकातें

काश वक़्त हमें मोहलत देती

काश ठहर जाते वो लम्हें

मिलने के मौके बार बार मिलेंगे

रोज खुदा से मिलने की दुआ मांगेंगे

चाहत है तो दुनिया है

हमारी चाहतें हमें बार बार मिलाएंगे

दुआओं का असर देखिये

मिलने के मौसम गए

मुद्दतों के बाद मिले हैं सब

ना जुदा होंगे अब

ये सब सितारों की है साजिश

जिसने पूरी की हमारी हैं ख्वाईश

वर्ण ज़िन्दगी तो  जी रहे थे सभी

लेकिन सच्चे दोस्तों की थी कमी

चांदनी सी रौशनी फैली

वक़्त भी कुछ गया थम

यादों ने   किये आँखें नम

बाटें जब हमने खुशियां और गम

– By Bhavana Shrivastava

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